top of page
Search


क्या आपकी सुबह की प्याली भारत के पहाड़ों को निगल रही है? एक कड़वी हकीकत
हम इंसानों ने सदियों से खेती के लिए मैदानों को साफ़ किया है। लेकिन अब, विनाश की यह आंधी हमारे सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पहाड़ों और चोटियों तक पहुँच गई है। चाय और कॉफी के बागान, जिन्हें कभी समृद्धि का प्रतीक माना जाता था, आज बढ़ते हुए वनों की कटाई, वन्यजीवों के विस्थापन और पारिस्थितिक असंतुलन के मुख्य कारण बन गए हैं।

Pankaj Jain
Aug 13 min read
bottom of page
